बादुशाह - दिवाली की पारंपरिक मिठाई

30 मिनट🥣 Prep 20 मिनट👥 6 servings🔥 easy🌿 Veg none
बादुशाह - दिवाली की पारंपरिक मिठाई

बादुशाह दक्षिण भारत की एक क्लासिक मिठाई है जिसका तमिल रसोई घरों और मिठाई की दुकानों में विशेष स्थान है। उत्तर भारत में इसे बालूशाही कहते हैं, लेकिन दक्षिण भारतीय बादुशाह का अपना ही अलग आकर्षण है। यह मिठाई खस्ता और पिघलने वाली होती है जिस पर समृद्ध चाशनी की परत चढ़ी होती है। मैदा, घी और दूध से बनी ये सुनहरी डिस्क तेल में तलकर इलायची वाली सुगंधित चाशनी में डुबोई जाती हैं। यह एक पारंपरिक मिठाई है जो तमिल पीढ़ियों से बड़े प्रेम और गर्व के साथ परिवारों में बनाई जाती आ रही है।

तमिल परिवारों के लिए बादुशाह दिवाली की पहचान है। हर साल जब दिवाली का त्योहार करीब आता है, घर में घर की मिठाई बनाने का उत्साह और खुशियाँ भर जाती हैं। दादियाँ और माताएँ रसोई में इकट्ठा होकर बादुशाह के साथ-साथ मैसूर पाक और अधिरसम जैसी दिवाली की अन्य पारंपरिक मिठाइयाँ बनाती हैं। घी और इलायची की सुगंध घर भर में फैलती है, यह तमिल लोगों के लिए दिवाली की सबसे प्यारी यादों में से एक है। ये मिठाइयाँ प्यार से डिब्बों में पैक करके पड़ोसियों, रिश्तेदारों और दोस्तों को उपहार के रूप में दी जाती हैं।

इस बादुशाह की रेसिपी इसलिए खास है क्योंकि इसे बनाना बहुत आसान है और सिर्फ साधारण सामग्री चाहिए। बादुशाह की खस्ता परत बनाने का राज है मैदा में घी को अच्छी तरह रगड़ना। दूध मिलाने से पहले घी को मैदा में 5-7 मिनट तक मलना चाहिए। चाशनी की गाढ़ापन सही होनी चाहिए - तेल जैसी। तलने के बाद तुरंत गर्म चाशनी में डालें और पूरी तरह ठंडा होने दें। इन आसान सुझावों को अपनाएँ और आपकी घर की बनी बादुशाह बिल्कुल दुकान जैसी स्वाद में आएगी।

🛒 सामग्री

👨‍🍳 विधि

1

एक बड़े कटोरे में 2 कप मैदा लीजिए। इसमें ¼ छोटी चम्मच नमक, ½ छोटी चम्मच बेकिंग पाउडर और 1 छोटी चम्मच चीनी मिलाइए। सभी सूखी सामग्री को अपनी उँगलियों से अच्छी तरह मिलाइए।

2

अब मैदा में ½ कप घी डालिए। अपनी उँगलियों के आगे के हिस्से से घी को मैदा में 5-7 मिनट तक अच्छी तरह रगड़िए जब तक मिश्रण बारीक ब्रेडक्रम्ब्स जैसा न दिखने लगे। यह कदम बादुशाह की खस्ता परत के लिए बहुत जरूरी है।

3

अब ½ कप दूध को धीरे-धीरे थोड़ा-थोड़ा करके मिलाइए और हल्के हाथों से गूंधिए। मैदा को जोर से न दबाएँ। दूध मिलाते-मिलाते जब मैदा एक नरम, गैर-चिपचिपा गूँधा हुआ आटा बन जाए तो रुक जाइए। ज्यादा गूंधने से बादुशाह सख्त और भारी हो जाता है।

4

अब मैदा को नम कपड़े से ढँक दीजिए और 10-15 मिनट के लिए आराम करने दीजिए। इस समय में ग्लूटन को आराम मिल जाता है जिससे आटा शेप देने में आसान हो जाता है।

5

जब मैदा आराम कर रहा हो, तब चाशनी तैयार कीजिए। एक भारी तले वाली कड़ाही में 1 कप चीनी और ½ कप पानी डालिए। मध्यम आँच पर चीनी घुल जाने तक पकाइए, बीच-बीच में हिलाते रहिए।

6

अब चाशनी को हिलाए बिना पकाते रहिए जब तक गाढ़ी न हो जाए - तेल जैसी गाढ़ी। परखने के लिए एक बूँद अपनी उँगलियों से दबाइए, यह थोड़ी गाढ़ी और चिपचिपी महसूस होनी चाहिए। अब ¼ छोटी चम्मच इलायची पाउडर मिलाइए। चाशनी को कम आँच पर गर्म रखिए।

7

आराम कर चुकी मैदा को 15-18 बराबर भागों में बाँट कर नींबू जैसी गोलियाँ बनाइए। हर गोली को अपनी हथेलियों के बीच हल्के हाथों से चपटा डिस्क बनाइए। अब अपने अंगूठे से हर डिस्क के बीच में एक छोटा-सा गड्ढा बना दीजिए। इससे बादुशाह अंदर तक अच्छी तरह पक जाता है।

8

एक गहरी कड़ाही या तेल तलने वाले पैन में तेल गर्म कीजिए। आँच मध्यम-कम रखिए, बहुत ज्यादा गर्म न हो। परखने के लिए मैदा का एक छोटा टुकड़ा तेल में डालिए - वह धीरे-धीरे ऊपर आना चाहिए।

9

अब बादुशाह को सावधानी से तेल में डालिए। एक बार में बहुत सारे न डालिए। कम-मध्यम आँच पर 10-12 मिनट तक तलिए और बीच-बीच में धीरे-धीरे पलटते रहिए। जब सभी तरफ से सुनहरे भूरे रंग की हो जाएँ तब निकाल लीजिए। धीमी आँच पर तलने से अंदर से भी अच्छी तरह पक जाता है।

10

तले हुए बादुशाह को चिमटे से निकालकर पेपर तौलिये पर 2 मिनट के लिए सूखने दीजिए। फिर तुरंत उन्हें गर्म चाशनी में डुबो दीजिए। सभी ओर से चाशनी लग जाने दीजिए और 1-2 मिनट के लिए चाशनी में रहने दीजिए।

11

अब बादुशाह को चाशनी से निकालकर प्लेट या तार की जाली पर रख दीजिए। उन्हें कमरे के तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दीजिए। ठंडा होते समय चाशनी सूख जाएगी और सफेद क्रिस्टलीय परत बन जाएगी। आपका घर का बनाया बादुशाह तैयार है।

💡 टिप्स और ट्रिक्स

  • 💡मैदा में घी को 5-7 मिनट तक अच्छी तरह रगड़ना सबसे जरूरी कदम है। इसी से बादुशाह की खस्ती और परतें बनती हैं। इस कदम को कभी न भूलें या जल्दबाजी न करें।
  • 💡बादुशाह को हमेशा कम-मध्यम आँच पर तलिए। अगर तेल बहुत गर्म हो तो बाहर से तो भूरा हो जाएगा पर अंदर कच्चा रह जाएगा। धीमी आँच पर धीरे-धीरे तलने से बादुशाह पूरी तरह सुनहरा और समान रूप से पकता है।
  • 💡चाशनी की गाढ़ापन बहुत महत्वपूर्ण है। वह तेल जैसी गाढ़ी होनी चाहिए, पतली नहीं। अगर चाशनी पतली हो तो बादुशाह पर अच्छी तरह परत नहीं लगेगी। अगर चाशनी जल्दी क्रिस्टलाइज हो रही हो तो पकाते समय एक छोटी चम्मच नींबू का रस मिला दीजिए।

Nutrition Info

736
kcal
Calories
9.40
g
Protein
92.40
g
Carbs
35.90
g
Fat
2.60
g
Fiber

AI Estimated Values per serving

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