सब्जी पोरियल की चार किस्में | दक्षिण भारतीय स्टर फ्राई

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पोरियल दक्षिण भारतीय सूखी सब्जी की एक लोकप्रिय चटनी है, जिसका तमिल व्यंजनों में विशेष स्थान है। ताज़ी सब्जियों को सुगंधित मसालों में पकाकर और ताज़ा कसा हुआ नारियल डालकर तैयार किया गया पोरियल, हर तमिल घर में एक मुख्य व्यंजन है। ग्रामीण तमिलनाडु की साधारण रसोई से लेकर भव्य विवाह भोज तक, यह सरल लेकिन बेहद स्वादिष्ट व्यंजन पीढ़ियों से बनता आ रहा है। हर सब्जी का अपना अनूठा स्वाद और बनावट होती है, जो पोरियल को पारंपरिक दक्षिण भारतीय थाली का एक बहुमुखी हिस्सा बनाती है।
तमिल परिवार पोरियल को बहुत पसंद करते हैं क्योंकि यह झटपट बन जाता है, पौष्टिक होता है और सांभर चावल, रसम चावल या सादे दही चावल के साथ इसका स्वाद बहुत अच्छा लगता है। यह संतुलित दक्षिण भारतीय दोपहर के भोजन का एक अनिवार्य हिस्सा है और इसे प्रतिदिन तैयार किया जाता है। पोंगल, कार्तिकई दीपम जैसे त्योहारों और शुभ पारिवारिक अवसरों पर, केले के पत्तों पर तरह-तरह के पोरियल परोसे जाते हैं, जिससे भोजन जीवंत और रंगीन बन जाता है। तमिलनाडु भर की माताएँ और दादी-नानी अपनी पोरियल रेसिपी पर गर्व करती हैं, और हर कोई इसमें अपनी खास शैली जोड़ती है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है।
इस रेसिपी की खासियत यह है कि इसमें चार लाजवाब सब्जियों की पोरियल एक साथ तैयार की जाती हैं - पत्ता गोभी, फूलगोभी, कोवक्काई और चुकंदर - जिनमें से हर एक का अपना अलग स्वाद होता है। एक बेहतरीन पोरियल बनाने का राज सब्जियों को ज्यादा न पकाना है ताकि उनका कुरकुरापन और रंग बरकरार रहे। असली स्वाद के लिए हमेशा ताजा कसा हुआ नारियल इस्तेमाल करें, आंच को मध्यम रखें और सब्जियां डालने से पहले तड़का खुशबूदार होना चाहिए। इन आसान टिप्स से आप अपनी रसोई में ही हर बार रेस्टोरेंट जैसी बढ़िया पोरियल बना सकते हैं।
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सामग्री(15 items)
विधि
💡 Tap a step to mark it doneखाना पकाने से पहले अपनी सभी सब्जियां तैयार कर लें। पत्ता गोभी को बारीक काट लें, फूलगोभी को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें, कोवक्काई को पतले गोल टुकड़ों में काट लें और चुकंदर को छीलकर बारीक काट लें या कद्दूकस कर लें। ताजा नारियल को कद्दूकस करके तैयार रखें। सब कुछ पहले से तैयार रखने से चारों प्रकार की पोरियल बनाना आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।
पत्ता गोभी पोरियल बनाने की विधि: एक पैन में मध्यम आंच पर 2 चम्मच तेल गरम करें। इसमें सरसों के दाने डालें और उन्हें चटकने दें। फिर इसमें उड़द दाल, चना दाल, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ते डालें। दालों के सुनहरा और खुशबूदार होने तक भूनें। अंत में एक चुटकी हींग और कटी हुई हरी मिर्च डालें।
कटी हुई पत्तागोभी को पैन में डालें। हल्दी पाउडर और नमक छिड़कें। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें। मध्यम आंच पर 5 से 7 मिनट तक भूनें। पानी न डालें - पत्तागोभी अपना पानी छोड़ेगी और अच्छे से पक जाएगी। जब पत्तागोभी पक जाए लेकिन थोड़ी कुरकुरी रहे, तो ताजा कसा हुआ नारियल डालें, अच्छी तरह मिलाएँ और आंच से उतार लें।
फूलगोभी पोरियल बनाने की विधि: एक साफ पैन में तेल गरम करें। इसमें सरसों के बीज, उड़द दाल, चना दाल, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ते डालें। जब ये चटकने लगें और दालें सुनहरी हो जाएं, तो हींग और हरी मिर्च डालें। फूलगोभी के टुकड़े, हल्दी पाउडर और नमक डालें। अच्छी तरह मिलाएँ और मध्यम आंच पर 8 से 10 मिनट तक भूनें, जब तक कि फूलगोभी पक न जाए, लेकिन गल न जाए।
अगर फूलगोभी बहुत सूखी लगे तो पकाते समय एक या दो चम्मच पानी छिड़कें, लेकिन पानी की मात्रा कम ही रखें। फूलगोभी को हल्का भाप देने और समान रूप से पकने में मदद करने के लिए 2 मिनट के लिए ढक्कन से ढक दें। पकने के बाद, ताज़ा कसा हुआ नारियल डालें और अच्छी तरह मिला लें, फिर आंच बंद कर दें।
कोवक्कई पोरियल बनाने की विधि: एक पैन में मध्यम आंच पर तेल गरम करें। इसमें सरसों के बीज, उड़द दाल, चना दाल, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ते और हींग डालें। तड़का लगने पर, कटी हुई कोवक्कई, हल्दी पाउडर और नमक डालें। मध्यम से तेज आंच पर 10 से 12 मिनट तक बीच-बीच में चलाते हुए भूनें, जब तक कि कोवक्कई हल्की सुनहरी न हो जाए और पूरी तरह पक न जाए।
कोवक्काई को पकने में अन्य सब्जियों की तुलना में थोड़ा अधिक समय लगता है, इसलिए धैर्य रखें और आंच को मध्यम रखें। जब कोवक्काई के टुकड़े नरम हो जाएं और किनारों पर हल्के भूरे रंग के हो जाएं, तो कद्दूकस किया हुआ नारियल डालें, अच्छी तरह मिलाएं और आंच बंद कर दें। कोवक्काई पर हल्का सा कैरेमलाइजेशन इस पोरियल को एक लाजवाब स्वाद देता है।
चुकंदर पोरियल बनाने की विधि: एक पैन में तेल गरम करें। इसमें सरसों के दाने, उड़द दाल, चना दाल, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ते डालें। इन्हें सुनहरा होने तक चटकने दें। फिर इसमें हींग और कटी हुई हरी मिर्च डालें। इसके बाद कद्दूकस किया हुआ या बारीक कटा हुआ चुकंदर, हल्दी पाउडर और नमक डालें।
चुकंदर को मध्यम आंच पर 8 से 10 मिनट तक भूनें। कद्दूकस किया हुआ चुकंदर जल्दी पक जाता है, इसलिए इस पर नज़र रखें। इसका खूबसूरत गहरा लाल रंग इस पोरियल को देखने में बेहद आकर्षक बना देगा। चुकंदर के नरम और अच्छी तरह पक जाने पर, ताज़ा कद्दूकस किया हुआ नारियल डालें और आंच से उतारने से पहले सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें।
सभी चार प्रकार की पोरियल को गरमागरम उबले हुए सफेद चावल, सांभर, रसम और दही के साथ परोसें। इन्हें केले के पत्ते पर सजाकर दक्षिण भारतीय थाली का पारंपरिक अनुभव लें। ये पोरियल चपाती के साथ भी बहुत स्वादिष्ट लगती हैं या किसी त्योहार के भोजन में भी परोसी जा सकती हैं।
टिप्स और ट्रिक्स
- पोरियल को भूनते समय आंच को हमेशा मध्यम रखें - तेज आंच से तड़का जल सकता है और सब्जियां सूखकर बेस्वाद हो सकती हैं, जबकि धीमी आंच से वे नरम और फीकी पड़ जाती हैं।
- दक्षिण भारतीय स्वाद को पूरी तरह से निखारने के लिए सूखे नारियल की जगह ताज़ा कसा हुआ नारियल इस्तेमाल करें। ताज़ा नारियल से प्राकृतिक मिठास और नमी आती है, जिससे व्यंजन का स्वाद और भी बढ़ जाता है।
- सब्जियों को ज़्यादा न पकाएँ— हर पोरियल में हल्का कुरकुरापन होना चाहिए और उसका प्राकृतिक रंग बरकरार रहना चाहिए। ज़्यादा पका हुआ पोरियल अपने पोषक तत्वों के साथ-साथ अपनी आकर्षक बनावट और जीवंत रंगत भी खो देता है।
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