आटे के बिना तुरंत कोलुकट्टई रेसिपी

कोलुकट्टई या कोझुकट्टई एक पारंपरिक दक्षिण भारतीय मीठी पकौड़ी है जो तमिल व्यंजनों में विशेष स्थान रखती है, खासकर गणेश चतुर्थी और वरलक्ष्मी व्रत जैसे त्योहारों पर। ये गुड़ से मीठी की गई स्वादिष्ट पकौड़ियाँ न केवल भगवान को भोग लगाने के लिए बनाई जाती हैं, बल्कि ये एक ऐसी मिठाई है जो पूरे परिवार को रसोई में एक साथ लाती है।
इस तुरंत बनने वाली कोलुकट्टई रेसिपी की खास बात यह है कि इसमें पहले से बने कोलुकट्टई आटे की जरूरत नहीं होती। सिर्फ कच्चे चावल और रसोई में उपलब्ध मूल सामग्री से आप कुछ ही समय में ये नरम, सुगंधित पकौड़ियाँ बना सकते हैं। गुड़ की मिट्टी जैसी मिठास और इलायची की खुशबू का मेल एक ऐसा स्वाद देता है जो सुकून देने वाला और दिव्य दोनों है।
जब आपको पारंपरिक मिठाई खाने की इच्छा हो लेकिन विशेष सामग्री घर पर न हो, तो यह तुरंत बनने वाली विधि परंपरा से समझौता किए बिना असली स्वाद देती है। चाहे आप त्योहार की तैयारी कर रहे हों, मेहमानों का स्वागत कर रहे हों, या बस अपने परिवार को कुछ खास खिलाना चाहते हों, ये कोलुकट्टई कभी निराश नहीं करेंगी। घी का तड़का एक समृद्ध स्वाद देता है जो हर निवाले को मुँह में घुला देता है।
🛒 सामग्री
👨🍳 विधि
कच्चे चावल को अच्छे से धो लें और पानी पूरी तरह से निथार दें। एक तरफ रख दें।
इलायची के दानों को कूट लें और तैयार रख लें।
एक भारी तले वाली कड़ाही में 3 कप पानी डालें और उबाल आने दें।
उबलते पानी में गुड़ डालें और तब तक चलाएं जब तक पूरी तरह से घुल न जाए। इसे पिघलने दें और अच्छे से मिलाएं।
कूटी हुई इलायची को गुड़ के पानी में डालें और सुगंध के लिए अच्छे से मिलाएं।
जब गुड़ का शरबत अच्छे से उबलने लगे, तो आंच धीमी कर दें।
धीरे-धीरे कच्चे चावल को उबलते गुड़ के पानी में डालें और लगातार चलाते रहें ताकि गांठ न बने।
धीमी आंच पर मिश्रण को चलाते रहें। चावल पकने लगेंगे और गुड़ का शरबत सोखने लगेंगे।
तब तक पकाते और चलाते रहें जब तक मिश्रण गाढ़ा न हो जाए और चावल पूरी तरह से पक जाएं। चावल के दाने नरम और गुड़ से अच्छी तरह लिपटे होने चाहिए।
2 चम्मच घी डालें और स्वाद और समृद्धता के लिए अच्छे से मिलाएं।
जब मिश्रण गाढ़ा, न चिपकने वाली स्थिरता तक पहुँच जाए और कड़ाही के किनारों को छोड़ने लगे, तो आंच बंद कर दें।
मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें जब तक कि इसे हाथ से संभालना आसान हो जाए।
अपनी हथेलियों पर थोड़ा घी लगाएं और मिश्रण को छोटी गोल पकौड़ियों या अंडाकार कोलुकट्टई का आकार दें।
बनी हुई कोलुकट्टई को घी लगी थाली में सजाएं और गर्म या सामान्य तापमान पर परोसें।
💡 टिप्स और ट्रिक्स
- 💡सबसे अच्छे स्वाद और रंग के लिए अच्छी गुणवत्ता वाला गुड़ इस्तेमाल करें। यदि गुड़ में अशुद्धियाँ हैं, तो चावल डालने से पहले गुड़ के पानी को छान लें।
- 💡उबलते शरबत में चावल डालते समय लगातार चलाते रहें ताकि गांठ न बने और चावल समान रूप से पकें।
- 💡स्थिरता महत्वपूर्ण है - तब तक पकाएं जब तक मिश्रण आकार देने लायक गाढ़ा हो जाए लेकिन बहुत सूखा न हो। गर्म होने पर यह थोड़ा चिपचिपा होना चाहिए।
- 💡कोलुकट्टई को आकार देते समय अपने हाथों में घी अच्छे से लगाएं ताकि चिपके नहीं और चिकनी पकौड़ियाँ बनें।
- 💡आप अपनी मिठास के अनुसार गुड़ की मात्रा को समायोजित कर सकते हैं, लेकिन सही तरीके से पकाने के लिए पानी और चावल का अनुपात बनाए रखें।
- 💡बची हुई कोलुकट्टई को एयरटाइट डिब्बे में रखें। ये कमरे के तापमान पर 2-3 दिन तक ताजा रहती हैं।
Nutrition Info
AI Estimated Values per serving
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