मोचाईकोट्टै पुली कुलंबु (सूखी लिमा बीन्स का इमली करी)

मोचाईकोट्टै पुली कुलंबु तमिलनाडु का एक पारंपरिक प्रिय व्यंजन है जिसमें सूखी लिमा बीन्स को इमली के गाढ़े और खट्टे रस में धीरे-धीरे पकाया जाता है। यह देहाती कुलंबु तमिलनाडु के घरेलू खाने में गहरी जड़ें रखता है, खासकर गांवों और कस्बों में जहां सूखी दालें रसोई का मुख्य हिस्सा थीं। इमली, धूप में सुखाए मसाले और प्याज का साहसिक संयोजन एक ऐसी करी बनाता है जो गहरी, खाद्य और असली दक्षिण भारतीय स्वाद से भरी होती है जो तमिल परिवारों की पीढ़ियों से चली आ रही है।
तमिल परिवार इस कुलंबु को बहुत पसंद करते हैं क्योंकि यह एक सच्चा आरामदायक खाना है जो उबले चावल और तिल के तेल की उदार बूंदों के साथ शानदार तरीके से जोड़ा जाता है। इसे आमतौर पर आलसी रविवार की दोपहरों में, सर्दियों के महीनों में जब सूखी बीन्स खासतौर पर पौष्टिक होती हैं, और पोंगल और कार्तिकै दीपम जैसे त्योहारों के दौरान तैयार किया जाता है जब दालों के आधार पर भारी व्यंजन परंपरागत रूप से मनाए जाते हैं। यह व्यंजन तमिल ब्राह्मण और गैर-ब्राह्मण दोनों घरों में समान रूप से तैयार होता है, जो इसे पूरे तमिलनाडु में समुदायों को एकजुट करने वाली एक सच्ची रेसिपी बनाता है।
इस रेसिपी को विशेष बनाता है कि सूखी मोचाईकोट्टै इमली के खट्टेपन और मसालेदार मसाले को सोख लेती है और गाढ़ी करी देती है। बीन्स को रात भर भिगोना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। ताजा पिसी हुई सांभार पाउडर का उपयोग करना और सरसों के बीज, करी पत्ते और लाल मिर्च को तिल के तेल में तड़का लगाना रेस्तरां स्तर का स्वाद देता है। यह रेसिपी शुरुआत करने वाले के लिए सहज है और प्रेशर कुकर में आसानी से तैयार हो जाती है।
🛒 सामग्री
👨🍳 विधि
सूखी लिमा बीन्स को रात भर या कम से कम 8 घंटे के लिए भरपूर पानी में भिगोएं। अच्छे से निकाल कर धोएं। भिगोई हुई बीन्स को प्रेशर कुकर में 1.5 कप पानी और एक चुटकी हल्दी के साथ मध्यम आंच पर 4 से 5 सीटी तक पकाएं जब तक वे नरम न हो जाएं पर अपना आकार न खोएं। खाना पकाने का पानी न फेंकते हुए अलग रख दें।
इमली को 1 कप गुनगुने पानी में 15 मिनट के लिए भिगोएं। अपने हाथों से अच्छे से निचोड़ कर सारा गूदा निकाल लें और बीज और रेशे हटाने के लिए छान लें। आपके पास गाढ़ा इमली का अर्क तैयार होना चाहिए। अलग रख दें।
तिल का तेल एक भारी तली में मध्यम आंच पर गरम करें। सरसों के दाने डालें और उन्हें तड़कने दें। फिर जीरा, सूखी लाल मिर्च, हींग और करी पत्ते डालें। उन्हें 30 सेकंड तक तड़कने दें जब तक खुशबू न आ जाए।
छोटी प्याज और लहसुन की कलियां पैन में डालें। मध्यम आंच पर 5 से 7 मिनट तक तलें जब तक प्याज सुनहरी न हो जाए और हल्के से कैरमलाइज न हो जाए। यह कदम कुलंबु के लिए गहरा आधार बनाता है, इसलिए जल्दबाजी न करें।
चीरी हुई हरी मिर्च और कटे हुए टमाटर डालें। मध्यम आंच पर कभी-कभी हिलाते हुए 6 से 8 मिनट तक पकाएं जब तक टमाटर पूरी तरह नरम न हो जाएं और तेल मिश्रण से अलग न होने लगे। टमाटर एक गाढ़े, मुलायम आधार में टूट जाने चाहिए।
आंच कम करें और सांभार पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और हल्दी पाउडर डालें। सब कुछ अच्छे से मिलाएं और मसाले के पाउडर को टमाटर-प्याज के आधार के साथ 2 से 3 मिनट तक पकाएं जब तक मसालों की कच्ची गंध पूरी तरह न चली जाए।
इमली का अर्क और बाकी पानी डालें। सब कुछ अच्छे से मिलाएं। कुलंबु को तेज आंच पर उबालें, फिर मध्यम करके 10 से 12 मिनट तक उबलने दें ताकि इमली का कच्चा स्वाद उतर जाए और ग्रेवी गाढ़ी होने लगे।
पकाई हुई मोचाईकोट्टै अपने खाना पकाने के पानी के साथ सिम रहे इमली ग्रेवी में डालें। स्वादानुसार नमक और गुड़ का छोटा टुकड़ा (यदि उपयोग कर रहे हैं) डालें। धीरे से हिलाएं ताकि बीन्स न टूटें। सब कुछ मध्यम-कम आंच पर 10 मिनट और सिम होने दें ताकि बीन्स कुलंबु के स्वाद को सोख लें।
कुलंबु की गाढ़ाई जांचें। यह चम्मच की पीठ पर चिपकने लायक गाढ़ा होना चाहिए पर बहने योग्य हो। अगर बहुत पतला है तो कुछ मिनट और बिना ढक्कन के सिम होने दें। अगर बहुत गाढ़ा है तो गुनगुने पानी की एक बूंद डालें। इस समय नमक और मसाला जांचें और सुधारें।
अंतिम तड़का के लिए एक छोटी तड़का कढ़ाई में 1 चम्मच तिल का तेल गरम करें। कुछ सरसों के दाने, 1 सूखी लाल मिर्च और कुछ ताजे करी पत्ते डालें। उन्हें तड़कने दें और यह गर्म तड़का सीधे कुलंबु पर डालें। 2 मिनट के लिए पैन को ढक दें ताकि सारी खुशबू बनी रहे फिर परोसें।
💡 टिप्स और ट्रिक्स
- 💡हमेशा सूखी मोचाईकोट्टै को रात भर कम से कम 8 घंटे के लिए भिगोएं। अच्छे से भिगोई हुई बीन्स समान रूप से पकती हैं, मलाईदार बनावट विकसित करती हैं और कुलंबु मसाला को बहुत बेहतर तरीके से सोखती हैं।
- 💡इस कुलंबु के लिए केवल तिल का तेल (गिंगेली तेल) का उपयोग करें। तिल का तेल असली दक्षिण भारतीय पुली कुलंबु को इसकी विशेष मेवेदार गहराई और खुशबू देता है जो कोई अन्य तेल नहीं दे सकता।
- 💡यह कुलंबु अगले दिन काफी बेहतर स्वाद देता है क्योंकि बीन्स रातभर इमली की ग्रेवी को सोख लेती हैं। बड़ी मात्रा में बनाएं और रेफ्रिजरेट करें — यह 3 से 4 दिन अच्छी तरह रहता है और स्वाद में सुधार होता है।
Nutrition Info
AI Estimated Values per serving
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