सुजनक का सूप / ड्रमस्टिक पत्तियों का सूप

सुजनक का सूप, जिसे ड्रमस्टिक पत्तियों का सूप या मोरिंगा का सूप भी कहते हैं, यह तमिल घर की रसोई की एक पारंपरिक और पौष्टिक खिचुड़ी है। सुजनक के पेड़ की कोमल हरी पत्तियों से बना यह सादा सूप दक्षिण भारतीय घरों में पीढ़ियों से चला आ रहा है। सुजनक का पेड़ तमिलनाडु में बहुत पाया जाता है और इसकी पत्तियां न केवल अपने मिट्टी जैसे स्वाद के लिए बल्कि अपनी शानदार पोषक शक्ति के लिए भी बहुत मशहूर हैं। यह सूप दादी-नानी की रसोई की आत्मा को बयां करता है।
तमिल परिवार सदियों से सुजनक के सूप को एक प्राकृतिक दवा और रोज़मर्रा की सेहत की टॉनिक के रूप में लेते आए हैं। माताएं यह गर्म सूप उन बच्चों को देती हैं जिन्हें आयरन की कमी है, प्रसव के बाद महिलाओं को ताकत लौटाने के लिए, और बुजुर्गों को कोमल पोषण देने के लिए। सर्दियों के महीनों में यह सूप बहुत पसंद किया जाता है जब गर्म सूप पूरे परिवार को सांत्वना देता है। कई तमिल घरों में यह सूप दोपहर के खाने से पहले हल्का स्टार्टर या शाम की शांतिदायक खिचुड़ी के रूप में परोसा जाता है क्योंकि लोगों को विश्वास है कि यह हीमोग्लोबिन और सेहत को बेहतर बनाता है।
इस रेसिपी की खूबसूरती इसकी सादगी में है। बस ताज़ी सुजनक की पत्तियां, सुगंधित प्याज़, लहसुन और मसाले को चावल के पानी में पकाकर आप 30 मिनट से भी कम समय में एक गहरा, पौष्टिक सूप बना सकते हैं। चावल के पानी को आधार के रूप में इस्तेमाल करने से सूप को एक सूक्ष्म स्टार्च वाली समृद्धता मिलती है और यह रेसिपी बहुत किफायती भी होती है। सबसे अच्छे नतीजों के लिए हमेशा ताज़ी ड्रमस्टिक की पत्तियां लें और उन्हें ज़्यादा न पकाएं क्योंकि इससे उनका जीवंत हरा रंग और अधिकतम पोषण सुरक्षित रहता है।
🛒 सामग्री
👨🍳 विधि
ताज़ी ड्रमस्टिक की पत्तियों को सावधानी से डंठल से अलग करें। पीली या खराब पत्तियां फेंक दें। पत्तियों को बहते पानी के नीचे दो-तीन बार अच्छे से धोएं ताकि धूल-मिट्टी निकल जाए। छन्नी में डालकर पानी निकालने दें।
प्याज़ को छिलकर मोटे टुकड़ों में काटें। लहसुन की कलियों को छिलकर चाकू की सपाट पीठ से हल्के से दबाएं। इससे उनका प्राकृतिक स्वाद और सुगंध सूप में अच्छे से आता है।
एक छोटे बर्तन या कढ़ाई में 2 कप चावल का पानी डालें और मध्यम आंच पर रखें। कच्चे चावल धोने का पानी या चावल पकाने के बाद का स्टार्च वाला पानी दोनों ही इसके लिए बढ़िया काम करते हैं और सूप को कोमल गाढ़ापन देते हैं।
चावल के पानी में कटी प्याज़, दबाई गई लहसुन, काली मिर्च के दाने, जीरा, एक चुटकी हल्दी पाउडर और नमक डालें। सब कुछ हल्के से मिलाएं और मध्यम आंच पर उबालने दें।
जब पानी उबलने लगे और प्याज़ थोड़ी नरम हो जाए, यह लगभग 4-5 मिनट में हो जाता है, तब साफ़ की गई और पानी निकाली गई ड्रमस्टिक की पत्तियां बर्तन में डालें। उन्हें अच्छे से मिलाएं ताकि वे पूरी तरह पानी में डूबी हों।
आंच को कम करें और सूप को 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। बर्तन को पूरी तरह न ढकें और तेज़ आंच न लगाएं क्योंकि इससे पत्तियों का चमकदार हरा रंग और पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं।
जब पत्तियां नरम हो जाएं और सूप सुगंधित हो जाए और हल्के हरे रंग का हो जाए, तब स्वाद देख लें और जरूरत के अनुसार नमक मिलाएं। आंच बंद करें और सूप को परोसने से एक मिनट पहले आराम करने दें।
अगर आप चिकना सूप चाहते हैं तो सूप को महीन छन्नी से छानकर प्याले में डालें, या इसे ऐसे ही परोसें जिसमें सभी पत्तियां और साबुत मसाले हों - यह ज़्यादा देशी और पौष्टिक होता है। सूप को तुरंत गर्म ही परोसें ताकि स्वाद और सेहत दोनों सर्वश्रेष्ठ रहें।
💡 टिप्स और ट्रिक्स
- 💡हमेशा ताज़ी ड्रमस्टिक की पत्तियां ही इस्तेमाल करें। पुरानी या पीली पत्तियों का स्वाद थोड़ा कड़वा होता है और उनमें पोषक तत्व भी कम होते हैं। अगर आपके घर सुजनक का पेड़ है तो डालियों की नोक से युवा कोमल पत्तियां तोड़ें, उनका स्वाद सबसे अच्छा होता है।
- 💡चावल का पानी इस सूप का गुप्त घटक है जो इसे कोमल गाढ़ापन और हल्का मीठापन देता है। कच्चे चावल धोने के पानी को बचा लें या पके हुए चावल के बाद का स्टार्च वाला पानी इस्तेमाल करें। अगर चावल का पानी न हो तो सादा पानी भी चल जाता है, लेकिन सूप का स्वाद थोड़ा हल्का रहेगा।
- 💡मोरिंगा की पत्तियों को ज़्यादा न पकाएं। कम आंच पर सिर्फ़ 5-7 मिनट का पकाना ही काफ़ी है ताकि वे नरम हो जाएं लेकिन उनका चमकदार हरा रंग, नाज़ुक स्वाद और अधिकतम आयरन व विटामिन सुरक्षित रहें। ज़्यादा पकाने से रंग फीका पड़ जाता है और पोषक तत्व कम हो जाते हैं।
Nutrition Info
AI Estimated Values per serving
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