पारुप्पु उरुंडै कुलंबु (दाल की गोलियों की खट्टी करी)

35 मिनट🥣 Prep 20 मिनट👥 4 servings🔥 medium🌿 Veg🟡 medium
पारुप्पु उरुंडै कुलंबु (दाल की गोलियों की खट्टी करी)

पारुप्पु उरुंडै कुलंबु दक्षिण भारत की एक प्रसिद्ध तमिल डिश है जिसमें मसालेदार दाल की नरम गोलियों को खट्टे इमली के रस में पकाया जाता है। यह व्यंजन तमिल ब्राह्मण और चेट्टीनाड घरों की रसोई में पीढ़ियों से पाया जाता है, जहां दादी-नानियां साधारण चने की दाल को कुछ खास बना देती थीं। इस डिश में दाल की गोलियां (उरुंडै) असली हीरे होती हैं - सही मात्रा में मसालेदार और गर्म खट्टी करी में नरम होकर पकी हुई। यह सच में घर की दिल को छूने वाली खान-पान है।

तमिल परिवारों में यह व्यंजन रविवार के विशेष खाने या त्योहार की दावत के रूप में बहुत प्रिय है। मंदिर की प्रसादी में, शुभ अवसरों पर और तमिलनाडु की शादियों में केले के पत्तों पर परोसा जाता है। इमली की खुशबू, ताजे पिसे मसालों के साथ, और नरम दाल की गोलियों को करी में भिगोना - यह सब मिलकर घर की यादों को जगा देता है। हर दादी इस डिश को प्रेम से बनाती थी, और यह नुस्खा प्यार और खट्टे-मीठे यादों से भरा है।

यह व्यंजन खास इसलिए है कि रसोई की साधारण चीजें मिलकर रेस्तरां जैसा स्वाद देती हैं। राज यह है कि दाल को सही समय तक भिगोएं ताकि गोलियां टूटें नहीं। दाल को दरदरा पीसना जरूरी है - गोलियां मजबूत होंगी लेकिन मुंह में पिघल जाएंगी। गोलियों को तेल में तलने की जगह सीधे करी में पकाना उन्हें हल्का और स्वास्थ्यकर बनाता है। धीरज और प्यार से बनाई गई यह डिश हर बार बिल्कुल परफेक्ट निकलती है।

🛒 सामग्री

👨‍🍳 विधि

1

चने की दाल को अच्छे से धोकर 2 घंटे तक पानी में भिगोएं। ज्यादा भिगोएं नहीं वरना दाल बहुत नरम हो जाएगी और गोलियां करी में टूट जाएंगी। भिगोने के बाद सारा पानी निकाल दें और दाल को एक तरफ रख दें।

2

इमली को 2 कप गुनगुने पानी में 15 मिनट भिगोएं। हाथों से अच्छे से दबाएं और गाढ़ा रस निकालें। गूदे और बीजों को छान लें और इमली का रस तैयार रखें।

3

गोलियां बनाने के लिए निकाली हुई दाल को मिक्सर जार में डालें और इसमें सूखी लाल मिर्च, सौंफ, अदरक, लहसुन, करी पत्ता और नमक मिलाएं। बिना पानी के दरदरा पीसें। मिश्रण गाढ़ा और दानेदार होना चाहिए, बिल्कुल चिकना पेस्ट नहीं, ताकि गोलियां अपना आकार बनाए रखें।

4

पिसी हुई दाल को एक कटोरी में निकालें। अपनी हथेलियों को हल्के से गीला करें ताकि दाल न चिपके। दाल का एक हिस्सा लें और अपनी हथेलियों के बीच दबाकर मार्बल या गोल्फ बॉल जैसी गोल गोलियां बनाएं। इसी तरह सभी दाल से लगभग 12-15 गोलियां बनाएं।

5

एक गहरे कड़ाई में तिल का तेल मध्यम आंच पर गर्म करें। इसमें राई डालें और उन्हें तड़कने दें। फिर जीरा, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ता मिलाएं। 30 सेकंड तक सब कुछ तब तक भूनें जब तक सुगंध न आ जाए।

6

कड़ाई में बारीक कटी प्याज डालें और मध्यम आंच पर 6-8 मिनट तक भूनें जब तक सुनहरी न हो जाए। बीच-बीच में अच्छे से हिलाएं ताकि सब जगह से समान रूप से पके। अब अदरक-लहसुन का पेस्ट मिलाएं और 2 मिनट और पकाएं जब तक कच्ची गंध न उड़ जाए।

7

कटे हुए टमाटर डालें और 5-6 मिनट तक पकाएं जब तक वह पूरी तरह नरम और गलित न हो जाएं और तेल अलग न दिखने लगे। टमाटरों को धीरे-धीरे दबाएं ताकि वह करी में अच्छे से मिल जाएं।

8

कड़ाई में हल्दी, लाल मिर्च, धनिया और सांभार पाउडर मिलाएं। सब कुछ अच्छे से मिलाएं। इस मसाले को प्याज-टमाटर के साथ 2-3 मिनट कम आंच पर पकाएं ताकि कच्ची मसालों की गंध उड़ जाए और सुगंध आ जाए।

9

तैयार किया हुआ इमली का रस कड़ाई में डालें और स्वादानुसार नमक मिलाएं। सब कुछ अच्छे से मिलाएं। मध्यम-तेज आंच पर करी को उबालने दें, फिर आंच कम करें। 8-10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें ताकि इमली की कच्ची गंध उड़ जाए और करी गाढ़ी हो जाए।

10

तैयार की गई गोलियों को एक-एक करके उबलती हुई करी में धीरे-धीरे डालें। तुरंत हिलाएं नहीं वरना गोलियां टूट सकती हैं। पहले 3-4 मिनट तक उन्हें बिना हिलाए रहने दें ताकि वह गर्म करी में पक जाएं और मजबूत हो जाएं।

11

जब गोलियां पक जाएं, तो कड़ाई को गोल-गोल घुमाएं या चम्मच के पिछले हिस्से से धीरे-धीरे उन्हें पलटें। कड़ाई को ढक्कन से ढकें और सब कुछ 10-12 मिनट कम आंच पर पकाएं जब तक गोलियां पूरी तरह पक न जाएं और करी का स्वाद सोख न लें।

12

करी की गाढ़ाई चेक करें। वह मध्यम गाढ़ी होनी चाहिए - बहुत पतली नहीं और बहुत गाढ़ी भी नहीं। अगर बहुत गाढ़ी है तो थोड़ा पानी डालें और 2 मिनट और पकने दें। नमक का स्वाद फिर से चेक करें।

13

आंच बंद करें और ताजी कटी हुई धनिया पत्ती से सजाएं। ऊपर से कच्चा तिल का तेल की कुछ बूंदें डालें ताकि खुशबू और भी बढ़ जाए। 5 मिनट तक करी को रहने दें ताकि गोलियां करी को और अच्छे से सोख लें।

14

गर्म चावल के साथ, घी की बूंद के साथ और अचार के साथ परोसें। यह करी इडली और डोसे के साथ भी बहुत अच्छी लगती है और नाश्ते के लिए या दोपहर के खाने के लिए बेहद संतुष्टिदायक है।

💡 टिप्स और ट्रिक्स

  • 💡भिगोई हुई दाल को हमेशा बिना पानी मिलाए दरदरा ही पीसें। बहुत चिकना पेस्ट बनाने से गोलियां करी में घुल जाएंगी, जबकि दरदरा पीसने से उनका आकार और कसावट बनी रहेगी।
  • 💡गोलियों को डालने के बाद करी को जोर-जोर से न हिलाएं। पहले कुछ मिनट उन्हें शांति से सेट होने दें, फिर कड़ाई को धीरे-धीरे घुमाएं। यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है ताकि दाल की गोलियां पूरी रहें।
  • 💡इस रेसिपी के लिए तिल का तेल (नल्लेन्नै) का इस्तेमाल करना बहुत महत्वपूर्ण है। यह असली तमिल करी की खुशबू देता है जो सामान्य तेल कभी नहीं दे सकता। अगर सच्चा स्वाद चाहिए तो तेल बदलें नहीं।

Nutrition Info

8300
kcal
Calories
49.60
g
Protein
361.10
g
Carbs
767.10
g
Fat
39.50
g
Fiber

AI Estimated Values per serving

🎬 Enjoyed this recipe? Watch the full video!

🔴 Subscribe on YouTube