वेलै कीरै कुழंबु (चौलाई का साग इमली करी)

वेलै कीरै कुझंबु तमिलनाडु की एक पारंपरिक इमली आधारित करी है जो चौलाई के साग की मिट्टी जैसी सुगंध को खट्टे स्वाद के साथ मिलाती है। यह सादा लेकिन स्वादिष्ट व्यंजन पीढ़ियों से दक्षिण भारतीय घरों में बना आ रहा है, खासकर गर्मी के महीनों में जब ताजा साग भरपूर मात्रा में मिलता है। 'नल्ला वेलै कीरै' का शाब्दिक अर्थ है 'अच्छा चौलाई का साग,' और यह रेसिपी सच में अपने नाम को सार्थक करती है।
इस कुझंबु को खास बनाता है इसके स्वादों का सुंदर संतुलन - साग की हल्की कड़वाहट इमली की खटास और सुगंधित मसालों की गर्माहट से पूरी तरह संतुलित होती है। यह सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि बेहद पौष्टिक भी है, आयरन, कैल्शियम और विटामिन से भरपूर जो हमारी दादी-नानी जानती थीं कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं। यह एक ऐसा भोजन है जो शरीर और आत्मा दोनों को पोषित करता है।
गर्म चावल के साथ और घी के साथ परोसा जाने वाला वेलै कीरै कुझंबु एक साधारण भोजन को वास्तव में संतोषजनक बना देता है। चाहे आप अपने आहार में अधिक साग शामिल करना चाहते हों या प्रामाणिक तमिल घरेलू भोजन की चाहत रखते हों, यह पुली कुलंबु एकदम सही विकल्प है। सबसे अच्छी बात? यह कम सामग्री के साथ जल्दी बन जाता है, जो इसे व्यस्त सप्ताह के दिनों की खाना पकाने के लिए आदर्श बनाता है।
🛒 सामग्री
👨🍳 विधि
वेलै कीरै को बहते पानी में कई बार अच्छी तरह धोएं ताकि सारी मिट्टी और रेत निकल जाए। पानी निकालें और मोटा-मोटा काट लें।
इमली को गर्म पानी में 10 मिनट के लिए भिगोएं, गूदा निकालें और बीज तथा रेशे निकालने के लिए छान लें। एक तरफ रख दें।
तूर दाल को एक चुटकी हल्दी और पानी के साथ नर्म और गलने तक पकाएं। अच्छी तरह मसल लें और अलग रख दें।
मिट्टी के बर्तन या भारी तले वाले बर्तन में तिल का तेल गर्म करें। राई डालें और तड़कने दें।
मेथी दाना, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता और हींग डालें। कुछ सेकंड के लिए सुगंधित होने तक भूनें।
कटा हुआ वेलै कीरै डालें और 2-3 मिनट तक भूनें जब तक यह मुरझा न जाए।
इमली का पानी डालें और 2 कप पानी मिलाएं। अच्छी तरह मिलाएं।
हल्दी पाउडर, नमक, सांबर पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालें। अच्छी तरह मिलाएं।
पकी हुई और मसली हुई तूर दाल कुझंबु में डालें। अच्छी तरह मिलाएं।
यदि उपयोग कर रहे हैं तो गुड़ डालें, यह खटास को संतुलित करने के लिए हल्की मिठास देता है।
उबाल आने दें, फिर आंच कम करें और 10-12 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं जब तक कुझंबु वांछित गाढ़ेपन तक गाढ़ा न हो जाए और इमली की कच्ची गंध खत्म न हो जाए।
यदि आवश्यक हो तो नमक और मसाले का स्तर समायोजित करें। आंच से उतारें और गर्म परोसें।
💡 टिप्स और ट्रिक्स
- 💡सबसे अच्छे परिणाम के लिए ताजा कोमल वेलै कीरै का उपयोग करें। पुराने पत्ते थोड़े कड़वे हो सकते हैं।
- 💡तिल का तेल (गिंगली ऑयल) पारंपरिक है और प्रामाणिक स्वाद देता है, लेकिन आप कोई भी खाना पकाने का तेल उपयोग कर सकते हैं।
- 💡यदि आप पतली कुझंबु चाहते हैं तो अधिक पानी मिलाकर या गाढ़ी के लिए अधिक समय तक पकाकर गाढ़ापन समायोजित करें।
- 💡कुझंबु अगले दिन और भी बेहतर स्वाद देती है क्योंकि स्वाद विकसित होते हैं और आपस में घुल जाते हैं।
- 💡इमली डालने के बाद हमेशा मध्यम आंच पर पकाएं ताकि यह कड़वी न हो जाए।
Nutrition Info
AI Estimated Values per serving
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