मुलै कीरै पोरियल (पालक की सब्जी)

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मुलै कीरै पोरियल तमिलनाडु का एक लोकप्रिय व्यंजन है जो पोषण और स्वाद को सबसे खूबसूरत तरीके से एक साथ लाता है। यह साधारण पालक की सब्जी, जिसे तमिल भोजन में 'पोरियल' कहा जाता है, कई दक्षिण भारतीय घरों में रोजाना परोसी जाती है, अक्सर गरमागरम चावल और सांभर के साथ। कोमल मुलै कीरै (चौलाई का साग) आयरन, कैल्शियम और आवश्यक विटामिन से भरपूर होता है जो आंखों की सेहत, हड्डियों की मजबूती और संपूर्ण स्वास्थ्य में सहायक है।
इस व्यंजन को खास बनाता है इसकी सादगी और बहुमुखी प्रतिभा। केवल मुट्ठी भर सामग्री से - ताजा साग, सुगंधित तड़के के मसाले, और ताजा कद्दूकस किया हुआ नारियल - आप एक ऐसा व्यंजन बना सकते हैं जो आरामदायक और अविश्वसनीय रूप से स्वास्थ्यवर्धक दोनों है। साग की हल्की कड़वाहट नारियल की मिठास और पारंपरिक दक्षिण भारतीय मसालों की गर्माहट से बिल्कुल संतुलित हो जाती है।
यह पोरियल सिर्फ एक साइड डिश नहीं है; यह तमिल पाक कला की समझदारी का प्रमाण है जो दैनिक पोषण के लिए मौसमी साग के उपयोग पर जोर देती है। चाहे आप पाचन सुधारना चाहें, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना चाहें, या बस एक संपूर्ण शाकाहारी भोजन का आनंद लेना चाहें, यह मुलै कीरै पोरियल आपका उत्तर है। यह चावल और रसम, दही चावल, या डोसा और चपाती की फिलिंग के रूप में भी शानदार लगती है।
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सामग्री(10 items)
विधि
💡 Tap a step to mark it doneमुलै कीरै को बहते पानी में 2-3 बार अच्छी तरह धोएं ताकि सारी मिट्टी और रेत निकल जाए। अच्छे से पानी निकाल दें और कोमल डंठल समेत बारीक काट लें।
एक कड़ाई या चौड़े पैन में मध्यम आंच पर तेल गरम करें। राई डालें और तड़कने दें।
उड़द की दाल डालें और सुनहरा भूरा होने तक भूनें। सूखी लाल मिर्च और करी पत्ता डालें, कुछ सेकंड के लिए भूनें।
चीरी हुई हरी मिर्च डालें और खुशबू आने तक थोड़ा भूनें।
कटी हुई मुलै कीरै को हल्दी पाउडर और नमक के साथ पैन में डालें। अच्छी तरह मिलाएं।
ढक कर मध्यम-धीमी आंच पर 5-7 मिनट तक पकाएं, बीच-बीच में चलाते रहें, जब तक साग मुरझा जाए और पूरी तरह पक जाए।
जब कीरै पक जाए और अतिरिक्त नमी उड़ जाए, तो कद्दूकस किया नारियल डालें और अच्छी तरह मिलाएं।
2 मिनट और पकाएं, लगातार चलाते रहें। आंच बंद कर दें।
गरमागरम परोसें उबले चावल, सांभर और रसम के साथ एक पूर्ण पारंपरिक तमिल भोजन के लिए।
टिप्स और ट्रिक्स
- साग को हमेशा कई बार अच्छी तरह धोएं ताकि रेत और मिट्टी पूरी तरह निकल जाए
- पकाते समय पानी न डालें क्योंकि साग अपनी नमी खुद छोड़ता है
- नारियल केवल अंत में डालें ताकि इसकी बनावट और खुशबू बरकरार रहे
- आप मुलै कीरै की जगह सामान्य पालक या किसी अन्य प्रकार का साग ले सकते हैं
- पोषक तत्वों को बनाए रखने और जलने से बचाने के लिए ढक कर धीमी आंच पर पकाएं
- अतिरिक्त स्वाद के लिए तड़का लगाते समय लहसुन का एक छोटा टुकड़ा कुचलकर डाल सकते हैं
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