थंडू कीराई कडैयाल | चौलाई के तने का हरा मैश

Inbarasi — South Indian food creator
InbarasiVerified Creator

Authentic South Indian Food Creator · Home Chef

Prep
15 मिनट
Cook
25 मिनट
Total
40 मिनट
Serves
4
Difficulty
easy
Calories
3562 kcal
Veg mild curry South Indian
थंडू कीराई कडैयाल | चौलाई के तने का हरा मैश

Rate this recipe

थंदू कीरई कडैयाल तमिलनाडु के घरों की रसोई से निकला एक सरल लेकिन बेहद पौष्टिक व्यंजन है। चौलाई के तनों और पत्तों से बना यह पारंपरिक मैश किया हुआ साग पीढ़ियों से तमिल घरों का मुख्य भोजन रहा है। 'कडैयाल' शब्द का अर्थ है मसलना या मथना, और यह व्यंजन अपने नाम को सार्थक करता है, इसकी मुलायम और मलाईदार बनावट इसे खास बनाती है। यह एक सरल और पौष्टिक रेसिपी है जो रोज़मर्रा के तमिल खाना पकाने के सार को दर्शाती है - ईमानदारी, स्वाद और भरपूर संतुष्टि।

तमिल परिवार थंदू कीरई कडैयाल को बहुत पसंद करते हैं क्योंकि यह उन आरामदायक दैनिक दोपहर के भोजन में से एक है जो घर जैसा एहसास देता है। तमिलनाडु भर में पाटियां और अम्माएं दशकों से इसे बनाती आ रही हैं, और इसे गरमा गरम चावल और तिल के तेल या घी की कुछ बूंदों के साथ परोसती हैं। यह किसी विशेष त्योहार से जुड़ा नहीं है, बल्कि रोज़ाना के दोपहर के भोजन का एक प्रिय हिस्सा है। आयरन और फाइबर से भरपूर, यह साग का व्यंजन विशेष रूप से बच्चों, नई माताओं और बुजुर्गों के लिए इसके अविश्वसनीय स्वास्थ्य लाभों के कारण तैयार किया जाता है।

इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी है। ताज़े चौलाई के पत्तों को जादुई स्वाद में बदलने के लिए आपको बस कुछ ही आम सामग्री चाहिए - छोटे प्याज, लहसुन, लाल मिर्च और थोड़ा सा नारियल। एक बेहतरीन कडाईयाल बनाने की कुंजी है पत्तों को पूरी तरह नरम होने तक पकाना और फिर उन्हें पारंपरिक लकड़ी के मथनी या करछी के पिछले हिस्से से अच्छी तरह मसलना। मसलते समय हमेशा एक चुटकी जीरा जरूर डालें ताकि उसमें असली खुशबू आए। आपके स्थानीय बाजार से मिलने वाली ताज़ी चौलाई कीराई से आपको सबसे अच्छे परिणाम मिलेंगे।

Looking for more curry recipes? Browse all vegetarian recipes →

सामग्री(13 items)

Ingredients checklist for थंडू कीराई कडैयाल | चौलाई के तने का हरा मैश
Yields 4 servings·South Indian Cuisine·Vegetarian

विधि

💡 Tap a step to mark it done

टिप्स और ट्रिक्स

  • सर्वोत्तम स्वाद और पोषण के लिए हमेशा ताज़ी थंदू कीरई का प्रयोग करें। पीली या मुरझाई हुई पत्तियाँ व्यंजन को कड़वा बना देंगी, इसलिए खाना पकाने वाले दिन ही बाज़ार से चमकदार हरी पत्तियों का गुच्छा चुनें।
  • साग पकाते समय ज्यादा पानी न डालें। पकते समय कीरई अपनी नमी खुद छोड़ती है। ज्यादा पानी डालने से कढ़ाई गाढ़ी और मलाईदार होने के बजाय पतली और पानीदार हो जाएगी।
  • असली स्वाद को और भी बढ़ाने के लिए, मैश करते समय इसमें कच्चे आम का एक छोटा टुकड़ा या इमली के रस की कुछ बूंदें डालें - यह एक गुप्त नुस्खा है जिसे कई तमिल दादी-नानी साग के मिट्टी जैसे स्वाद को संतुलित करने के लिए आजमाती हैं।

⚠️ Nutrition values could not be verified for this recipe. Please check manually.

Frequently Asked Questions

🎬 Enjoyed this recipe? Watch the full video!

🔴 Subscribe on YouTube

Recently Published

View All →