अरई साग की खिचड़ी | लाल साग की मसली हुई सब्जी

Inbarasi — South Indian food creator
InbarasiVerified Creator

Authentic South Indian Food Creator · Home Chef

Prep
10 मिनट
Cook
20 मिनट
Total
30 मिनट
Serves
4
Difficulty
easy
Calories
3043 kcal
Veg medium curry South Indian
अरई साग की खिचड़ी | लाल साग की मसली हुई सब्जी

Rate this recipe

अरई साग की खिचड़ी तमिलनाडु की एक सादी किंतु बेहद पौष्टिक डिश है। इसे लाल साग को पकाकर मसलकर तैयार किया जाता है। तमिल में इस साग को 'अरई साग' कहते हैं और यह दक्षिण भारतीय रसोई में पीढ़ियों से चली आ रही है। 'खिचड़ी' शब्द का अर्थ है मसलना, जो इस सादे-सुथरे पकवान की तकनीक को बिल्कुल सही बयां करता है। यह डिश दिखाता है कि तमिल खाना कैसे साधारण चीजों को आत्मा भरा और संतोषदायक व्यंजन में बदल देता है।

तमिल परिवारों को साग की डिशें बेहद पसंद हैं क्योंकि ये सेहतमंद, जल्दी बनने वाली और आयरन व विटामिनों से भरपूर होती हैं। यह पकवान खासतौर पर सप्ताह के दिनों में दोपहर के भोजन में चावल, रसम और अचार के साथ परोसा जाता है। माताएं और दादियां दशकों से यह बना रही हैं और इसका स्वाद घर के खाने की गरमाहट लिए होता है। व्रत के दिनों या सादे भोजन में भी यह डिश परोसी जाती है जब कुछ हल्का-फुल्का किंतु भरपूर खाना चाहिए।

इस रेसिपी की विशेषता यह है कि इसे दाल के बिना तैयार किया जाता है, जिससे पेट पर हल्का रहता है लेकिन स्वाद में कोई कसर नहीं रहती। ताज़ी साग की खुशबू, लहसुन की तीव्रता और जीरे की मिट्टी जैसी खुशबू मिलकर एक संतुलित डिश बनाती है। सर्वश्रेष्ठ परिणाम के लिए ताज़ी अरई साग लें और इसे गर्म अवस्था में ही मसलें ताकि चिकनी बनावट मिले। आखिर में नारियल के तेल की बूंदें डालने से स्वाद और भी बढ़ जाता है।

Looking for more curry recipes? Browse all vegetarian recipes →

सामग्री(13 items)

Ingredients checklist for अरई साग की खिचड़ी | लाल साग की मसली हुई सब्जी
Yields 4 servings·South Indian Cuisine·Vegetarian

विधि

💡 Tap a step to mark it done

टिप्स और ट्रिक्स

  • साग को हमेशा गर्म अवस्था में ही मसलें - यह चिकनी और मलाईदार बनावट पाने का मुख्य राज़ है। अगर साग ठंडा हो जाए तो रेशेदार हो जाता है और तोड़ना मुश्किल हो जाता है।
  • पकवान में बहुत ज़्यादा पानी न डालें। साग खुद ही पकते समय नमी निकालता है। ज़्यादा पानी से खिचड़ी पतली और पानी भरी हो जाती है। कम पानी से शुरू करें और जरूरत पड़े तो ही और डालें।
  • तड़ के के लिए सादे तेल की जगह नारियल के तेल का इस्तेमाल करने से स्वाद बदल जाता है। नारियल के तेल की प्राकृतिक सुगंध साग की मिट्टी जैसी खुशबू के साथ शानदार मेल खाती है और यह तमिल साग की असली खूबसूरती है।

⚠️ Nutrition values could not be verified for this recipe. Please check manually.

Frequently Asked Questions

🎬 Enjoyed this recipe? Watch the full video!

🔴 Subscribe on YouTube

Recently Published

View All →