अरई साग की खिचड़ी | लाल साग की मसली हुई सब्जी

Inbarasi
By Inbarasi · Authentic South Indian RecipesPublished 26 May 2026
Cook 20 मिनट Prep 10 मिनट 4 servings easy Veg medium
अरई साग की खिचड़ी | लाल साग की मसली हुई सब्जी

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अरई साग की खिचड़ी तमिलनाडु की एक सादी किंतु बेहद पौष्टिक डिश है। इसे लाल साग को पकाकर मसलकर तैयार किया जाता है। तमिल में इस साग को 'अरई साग' कहते हैं और यह दक्षिण भारतीय रसोई में पीढ़ियों से चली आ रही है। 'खिचड़ी' शब्द का अर्थ है मसलना, जो इस सादे-सुथरे पकवान की तकनीक को बिल्कुल सही बयां करता है। यह डिश दिखाता है कि तमिल खाना कैसे साधारण चीजों को आत्मा भरा और संतोषदायक व्यंजन में बदल देता है।

तमिल परिवारों को साग की डिशें बेहद पसंद हैं क्योंकि ये सेहतमंद, जल्दी बनने वाली और आयरन व विटामिनों से भरपूर होती हैं। यह पकवान खासतौर पर सप्ताह के दिनों में दोपहर के भोजन में चावल, रसम और अचार के साथ परोसा जाता है। माताएं और दादियां दशकों से यह बना रही हैं और इसका स्वाद घर के खाने की गरमाहट लिए होता है। व्रत के दिनों या सादे भोजन में भी यह डिश परोसी जाती है जब कुछ हल्का-फुल्का किंतु भरपूर खाना चाहिए।

इस रेसिपी की विशेषता यह है कि इसे दाल के बिना तैयार किया जाता है, जिससे पेट पर हल्का रहता है लेकिन स्वाद में कोई कसर नहीं रहती। ताज़ी साग की खुशबू, लहसुन की तीव्रता और जीरे की मिट्टी जैसी खुशबू मिलकर एक संतुलित डिश बनाती है। सर्वश्रेष्ठ परिणाम के लिए ताज़ी अरई साग लें और इसे गर्म अवस्था में ही मसलें ताकि चिकनी बनावट मिले। आखिर में नारियल के तेल की बूंदें डालने से स्वाद और भी बढ़ जाता है।

सामग्री

Ingredients checklist

विधि

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1

अरई साग को बहते पानी के नीचे 2-3 बार अच्छे से धोलें ताकि सारी मिट्टी निकल जाए। नरम पत्तियों और कोमल तनों को अलग करें, सख्त या पीली पड़ी साग फेंक दें। साग को मोटे तौर पर काटकर रख दें और पानी निकालने दें।

2

एक भारी तले की कड़ाही या तवा को मध्यम आँच पर गर्म करें। धुली हुई साग, लहसुन की कलियाँ, हरी मिर्चें और 1/4 कप पानी डालें। ढक्कन लगाकर 8-10 मिनट तक पकाएँ जब तक साग बिल्कुल नरम न हो जाए।

3

साग पूरी तरह पक जाने पर स्वादानुसार नमक डालें। लकड़ी के मसलने वाले चम्मच या लेडल से गर्म अवस्था में ही साग को अच्छे से मसलें। आप चाहें तो दानेदार या मसली हुई बनाएँ। बिल्कुल चिकनी बनावट के लिए परंपरागत लकड़ी के मथक (मट्ठू) का इस्तेमाल करें।

4

अगर नारियल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसी वक़्त कद्दूकस किया हुआ नारियल मिली हुई साग में डालें और अच्छे से मिलाएँ। नारियल एक सूक्ष्म मिठास और समृद्धता देता है। कम आँच पर 1 मिनट और पकाएँ, फिर इसे अलग कर दें।

5

एक छोटी कड़ाही में नारियल का तेल गर्म करें। जब तेल गर्म हो जाए तो राई के दाने डालें और तड़ने दें। फिर उड़द की दाल डालकर सुनहरी होने तक भूनें। अब सूखी लाल मिर्चें, जीरा, करी पत्ता और बारीक कटे हुए प्याज़ डालें। जब तक प्याज़ पारदर्शी न हो जाएँ तब तक भूनें।

6

यह सुगंधित तड़का मसली हुई साग पर धीरे-धीरे डालें और अच्छे से मिलाएँ। नमक की जाँच करें और अगर ज़रूरत हो तो और नमक डालें। आपकी अरई साग की खिचड़ी तैयार है! इसे गर्म-गर्म चावल, रसम और घी की बूंद के साथ परोसें।

टिप्स और ट्रिक्स

  • साग को हमेशा गर्म अवस्था में ही मसलें - यह चिकनी और मलाईदार बनावट पाने का मुख्य राज़ है। अगर साग ठंडा हो जाए तो रेशेदार हो जाता है और तोड़ना मुश्किल हो जाता है।
  • पकवान में बहुत ज़्यादा पानी न डालें। साग खुद ही पकते समय नमी निकालता है। ज़्यादा पानी से खिचड़ी पतली और पानी भरी हो जाती है। कम पानी से शुरू करें और जरूरत पड़े तो ही और डालें।
  • तड़ के के लिए सादे तेल की जगह नारियल के तेल का इस्तेमाल करने से स्वाद बदल जाता है। नारियल के तेल की प्राकृतिक सुगंध साग की मिट्टी जैसी खुशबू के साथ शानदार मेल खाती है और यह तमिल साग की असली खूबसूरती है।

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