नेई मीन कुलंबू - घी वाली मछली की करी

Inbarasi
By Inbarasi · Authentic South Indian RecipesPublished 26 May 2026
Cook 35 मिनट Prep 15 मिनट 4 servings medium Non-Veg high
नेई मीन कुलंबू - घी वाली मछली की करी

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नेई मीन कुलंबू तमिलनाडु की एक परंपरागत गांव-शैली की मछली करी है जिसे मिट्टी के बर्तन में बनाया जाता है। 'नेई' का मतलब घी है, 'मीन' मछली है, और 'कुलंबू' मतलब मसालेदार इमली की करी। यह असली व्यंजन तमिलनाडु के तटीय इलाकों से आया है, जहां ताजी मछली, घर के बने मसाले, खट्टी इमली और घी का शानदार मिश्रण एक अविस्मरणीय स्वाद बनाता है।

तमिल परिवार इस कुलंबू को अपने दिल के करीब रखते हैं। यह वह व्यंजन है जो दादी-दादी की रसोई और मिट्टी के बर्तन में जलती आग पर उबलते मसालों की खुशबू की यादें दिलाता है। परिवार इस खास करी को रविवार, त्योहारों और पोंगल जैसे शुभ अवसरों पर बनाते हैं। घी का इस्तेमाल इस व्यंजन को रोज़मर्रा के खाने से खास और पौष्टिक बनाता है।

इस रेसिपी को खास बनाता है परंपरागत मिट्टी के बर्तन (माण चट्टी) और सबसे आखिर में देसी घी का छिड़काव, जो करी को गहरा स्वाद और सुगंध देता है। वंजरम या शंकर मछली सबसे अच्छे नतीजे देती है। खाना बनाने के बाद 15-20 मिनट रखने दें ताकि मछली सभी मसालों को अच्छी तरह सोख ले।

सामग्री

Ingredients checklist

विधि

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1

इमली को 1.5 कप गुनगुने पानी में 10 मिनट भिगोएं, फिर अच्छी तरह दबाकर इमली का रस निकालें। छलनी से छानकर गूदा फेंक दें और इमली का पानी अलग रख दें। मछली के टुकड़ों को धोकर पोंछ लें और हल्दी और नमक का छिड़काव करके अलग रख दें।

2

मिट्टी के बर्तन या भारी तले वाली कड़ाही को मध्यम आंच पर रखें। तिल का तेल डालकर गर्म होने दें। जब तेल गर्म हो जाए तो राई डालें और तड़काइए। फिर मेथी के दाने और सूखी लाल मिर्च डालकर 30 सेकंड तक तलें। सावधान रहें कि मेथी जल न जाए क्योंकि वह कड़वी हो जाती है।

3

करी पत्ते डालें और उन्हें तड़कने दें। अब छोटी प्याज डालकर 6-8 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं जब तक वे सुनहरी न हो जाएं। प्याज को करीने से पकाना जरूरी है क्योंकि यह कुलंबू के आधार को मिठास और गहराई देता है।

4

अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर 2-3 मिनट तलें जब तक कच्ची गंध न उड़ जाए। फिर कटे हुए टमाटर डालकर 5 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं, बीच-बीच में दबाते हुए, जब तक टमाटर पूरी तरह नरम न हो जाएं और तेल अलग न हो जाए।

5

हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और काली मिर्च पाउडर डालें। सब कुछ अच्छी तरह मिलाकर 3-4 मिनट तक कम-मध्यम आंच पर पकाएं, बार-बार चलाते हुए। इस तरह मसालों को पकाने से कच्चा स्वाद उड़ जाता है और मसाले का असली स्वाद निखरता है।

6

निकाली हुई इमली का पानी डालें और स्वादानुसार नमक मिलाएं। सब कुछ अच्छी तरह मिलाकर मध्यम-तेज आंच पर उबालें। करीब 8-10 मिनट तक उबलने दें ताकि इमली की कच्ची गंध उड़ जाए और करी गाढ़ी हो जाए।

7

धीरे-धीरे मछली के टुकड़ों को उबलती हुई करी में डालें। तेजी से न चलाएं वरना मछली टूट जाएगी। धीरे से बर्तन को घुमाएं या चम्मच से मछली को करी से कोट करें। 10-12 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं जब तक मछली पूरी तरह पक न जाए और तेल ऊपर तैरने लगे।

8

नमक और इमली की मात्रा को दोबारा चेक करें और जरूरत के हिसाब से समायोजित करें। अब कुलंबू के ऊपर से घी को पूरी तरह छिड़कें। ताजा करी पत्ते और कटा हुआ धनिया डालें। बर्तन को धीरे से घुमाएं और आंच बंद कर दें। खाना बनाने के 15 मिनट बाद परोसें ताकि मछली सभी मसालों को पूरी तरह सोख ले।

9

गर्म-गर्म भात, अप्पलम या भुनी हुई पापड़ के साथ परोसें। यह कुलंबू इडली या डोसे के साथ अगली सुबह भी शानदार स्वाद देता है। रातभर रखने से इसका स्वाद और भी गहरा हो जाता है और अगले दिन और भी बेहतर लगता है।

टिप्स और ट्रिक्स

  • सच्ची तमिल मछली करी के लिए हमेशा तिल का तेल (गिंगली ऑयल) इस्तेमाल करें क्योंकि यह मेवेदार गहराई देता है। घी को आखिर में डालें ताकि इसकी खुशबू और स्वाद सुरक्षित रहे।
  • परंपरागत मिट्टी के बर्तन (माण चट्टी) में खाना बनाने से स्वाद में बहुत फर्क पड़ता है। मिट्टी का बर्तन तापमान को बराबर वितरित करता है और एक सूक्ष्म मिट्टी की खुशबू जोड़ता है जो गांव-शैली की तमिल खाना पकाने की निशानी है।
  • ताजी मछली सबसे अच्छे नतीजे देती है - मजबूत मांस और साफ समुद्री गंध देखें। एक बार मछली जोड़ने के बाद बहुत न चलाएं नहीं तो टूट जाएगी। बर्तन को धीरे-धीरे घुमाना तमिल रसोइयों की परंपरागत तकनीक है।

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