सुंदक्कई वथल कुलंबू

Inbarasi — South Indian food creator
InbarasiVerified Creator

Authentic South Indian Food Creator · Home Chef

Prep
10 मिनट
Cook
35 मिनट
Total
45 मिनट
Serves
4
Difficulty
easy
Diet
Veg
Veg high curry South Indian
सुंदक्कई वथल कुलंबू

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सुंदक्कई वथल कुलंबू तमिल व्यंजनों में सबसे प्रिय और मन को तृप्त करने वाले व्यंजनों में से एक है। धूप में सुखाई गई टर्की बेरी, खट्टी इमली और मसालों के समृद्ध मिश्रण से बना यह पारंपरिक कुझंबू तमिल ब्राह्मण और ग्रामीण पाक कला में गहराई से जुड़ा हुआ है। सुंदक्कई वथल के नाम से जानी जाने वाली सूखी बेरी ग्रेवी को एक विशिष्ट कड़वाहट देती है जो इमली की खटास और तिल के तेल की गर्माहट के साथ खूबसूरती से संतुलित होती है। यह व्यंजन तमिलनाडु के तमिल घरों में पीढ़ियों से प्रेमपूर्वक चला आ रहा है। तमिल परिवार वथल कुलंबू को बेहद पसंद करते हैं क्योंकि यह बहुत सुकून देने वाला और पुरानी यादों से भरा होता है। कई दादी-नानी और माताएं सप्ताह के शांत दिनों में दोपहर के समय इस कुझंबू को गरमा गरम उबले हुए चावल, कुरकुरे अप्पलम और साधारण कीरई पोरियल या कूटू के साथ बनाती हैं। यह शुभ दिनों और त्योहारों के दौरान भी एक लोकप्रिय व्यंजन है जब परिवार एक साथ इकट्ठा होते हैं। चूल्हे पर कुलंबू पकते समय रसोई में फैलने वाली तीखी और मनमोहक खुशबू हर तमिल भाषी को अपने बचपन के घर की याद दिलाती है। इस सुंदक्कई वथल कुलंबू रेसिपी की खासियत यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है और इसमें घर में आसानी से मिलने वाली सामग्रियां ही काम आती हैं। बेहतरीन स्वाद के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले तिल के तेल का इस्तेमाल करना और कुलंबू को धीमी आंच पर पकने देना ज़रूरी है, ताकि यह गाढ़ा होकर चमकदार और सुंदर हो जाए। कड़वाहट कम करने और इसकी खुशबू बढ़ाने के लिए सुंदक्कई वथल को ग्रेवी में डालने से पहले तेल में अच्छी तरह भून लें। गरमागरम चावल के साथ इसे भरपूर मात्रा में परोसें और एक असली तमिल भोजन का आनंद लें।

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सामग्री(18 items)

Ingredients checklist for सुंदक्कई वथल कुलंबू
Yields 4 servings·South Indian Cuisine·Vegetarian

विधि

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टिप्स और ट्रिक्स

  • वाथल कुलंबू का असली स्वाद पाने के लिए हमेशा तिल का तेल ही इस्तेमाल करें। सामान्य रिफाइंड तेल से वह गहरा और पारंपरिक स्वाद नहीं मिलेगा जिसके लिए यह व्यंजन जाना जाता है।
  • सुंदक्कई वथल को अलग से तेल में भून लें और फिर कुलंबू में मिलाएँ। ऐसा करने से सूखे जामुनों की प्राकृतिक कड़वाहट कम हो जाती है और तैयार व्यंजन में एक सुखद, अखरोट जैसा कुरकुरापन आ जाता है।
  • कुलंबू को धीमी आंच पर बिना ढके थोड़ी देर और पकने दें। जितना अधिक यह पकेगा, उतना ही गाढ़ा और स्वादिष्ट बनेगा। बचा हुआ वथल कुलंबू अगले दिन और भी स्वादिष्ट लगता है।

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