वड़ा करी

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वड़ा करी चेन्नई का एक मशहूर स्ट्रीट फ़ूड है, जिसका तमिल व्यंजनों में विशेष स्थान है। मद्रास के चहल-पहल भरे टिफिन सेंटरों और होटल की रसोई में जन्मी यह डिश, कुरकुरे चने की दाल के वड़ों को गाढ़ी, सुगंधित प्याज और टमाटर की ग्रेवी में धीमी आंच पर पकाकर बनाई जाती है। वड़े धीरे-धीरे मसालेदार करी का सारा स्वाद सोख लेते हैं और नरम, मुलायम और लाजवाब स्वाद से भरपूर बन जाते हैं। यह सचमुच उन व्यंजनों में से एक है जो तमिल नाश्ते की संस्कृति और स्ट्रीट फ़ूड की विरासत को परिभाषित करता है।
तमिल परिवार वड़ा करी को बहुत पसंद करते हैं क्योंकि यह एक बेहतरीन साइड डिश है जो नरम इडली, फूली हुई पूरियों और यहां तक कि कुरकुरे डोसे के साथ भी बहुत अच्छी लगती है। चेन्नई में, रविवार की सुबह का नाश्ता गरमागरम वड़ा करी के बिना अधूरा लगता है। यह एक ऐसा व्यंजन है जो पूरे परिवार को एक साथ लाता है और मंदिर दर्शन, पारिवारिक सैर और त्योहारों की सुबह होटल जैसे नाश्ते की यादें ताजा कर देता है। कई तमिल दादी-नानी और माताओं ने पीढ़ियों से इस रेसिपी के अपने-अपने खास तरीके पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाए हैं, जिससे यह रेसिपी बेहद व्यक्तिगत और यादगार बन गई है।
इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे घर पर बनाना बेहद आसान है और इसके लिए रसोई में हमेशा मौजूद रहने वाली सामग्री की ज़रूरत होती है। एक बेहतरीन वड़ा करी बनाने का राज दो बातों में छिपा है - वड़ों को थोड़ा मोटा बनाना ताकि वे ग्रेवी को सोख लें और टूटे नहीं, और करी को पर्याप्त समय तक धीमी आंच पर पकाना ताकि उसका स्वाद और भी गहरा हो जाए। अंत में ताज़ा नारियल का दूध डालना न भूलें, क्योंकि इससे ग्रेवी में एक शानदार मलाईदार गाढ़ापन आता है जो पूरे व्यंजन को आपके घर की रसोई में ही रेस्टोरेंट जैसा स्वाद देता है।
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सामग्री(22 items)
विधि
💡 Tap a step to mark it doneचने की दाल को धोकर कम से कम 2 से 3 घंटे के लिए पर्याप्त पानी में भिगो दें। भिगोना आवश्यक है क्योंकि इससे दाल नरम हो जाती है और पीसना आसान हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप चिकना वड़ा घोल बनता है जो तलते समय अपना आकार बनाए रखता है।
भीगी हुई चना दाल का सारा पानी निकाल दें। इसे सूखे लाल मिर्च, सौंफ, अदरक और नमक के साथ ब्लेंडर या गीले ग्राइंडर में डालें। बहुत कम या बिना पानी के दरदरा पेस्ट बना लें। घोल गाढ़ा होना चाहिए, पतला नहीं, ताकि तलने पर वड़े अपना आकार बनाए रखें।
एक गहरे कढ़ाई या फ्राइंग पैन में मध्यम आंच पर तेल गरम करें। अपने हाथों को हल्का सा गीला करें, घोल की एक छोटी सी नींबू के आकार की लोई लें, उसे थोड़ा चपटा करके मोटी डिस्क का आकार दें और सावधानी से गरम तेल में डालें। पैन में ज्यादा भीड़ न करते हुए एक बार में 4 से 5 वड़े तलें।
वड़ों को मध्यम आंच पर लगभग 4 से 5 मिनट तक तलें, बीच-बीच में पलटते रहें जब तक कि वे चारों तरफ से सुनहरे भूरे रंग के न हो जाएं। वे अच्छी तरह पक जाने चाहिए, लेकिन बहुत ज्यादा कुरकुरे नहीं होने चाहिए। निकालकर सोखने वाले कागज पर रखें। अलग रख दें। इन्हें बहुत पतला या बहुत कुरकुरा न बनाएं क्योंकि इन्हें करी सोखने की जरूरत है।
एक चौड़े, भारी तले वाले पैन में 3 बड़े चम्मच तेल गरम करें। इसमें तेज पत्ता, दालचीनी, लौंग और इलायची डालें। इन्हें 30 सेकंड तक भूनें जब तक कि इनमें से खुशबू न आने लगे। फिर इसमें करी पत्ते और चीरा लगी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड तक भूनें।
बारीक कटे प्याज को पैन में डालें और मध्यम आंच पर 8 से 10 मिनट तक लगातार चलाते हुए सुनहरा भूरा होने तक भूनें। अच्छी तरह से कैरेमलाइज्ड प्याज एक स्वादिष्ट ग्रेवी का आधार होते हैं, इसलिए इस चरण में जल्दबाजी न करें।
अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर दो मिनट तक भूनें जब तक कच्ची महक पूरी तरह गायब न हो जाए। फिर इसमें कटे हुए टमाटर, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर डालें। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें और मध्यम आंच पर पकाएं।
टमाटर और मसालों के मिश्रण को 8 से 10 मिनट तक बीच-बीच में चलाते हुए पकाएं, जब तक कि टमाटर पूरी तरह से गल न जाएं, तेल मसाले से अलग न हो जाए और मिश्रण गाढ़ा और सुगंधित हो जाए। इस चरण से यह सुनिश्चित होता है कि मसाले अच्छी तरह पक गए हैं और उनमें कच्चापन नहीं है।
डेढ़ कप पानी डालें और मसाले के साथ अच्छी तरह मिलाएँ। ग्रेवी को धीमी आँच पर उबलने दें, फिर आँच बिल्कुल धीमी कर दें। इस समय स्वाद चखें और नमक आवश्यकतानुसार डालें। ग्रेवी थोड़ी पतली होनी चाहिए क्योंकि वड़े डालने के बाद यह गाढ़ी हो जाएगी।
तले हुए वड़ों को धीरे से तीन से चार बड़े टुकड़ों में तोड़ें और उन्हें सीधे उबलती हुई ग्रेवी में डाल दें। वड़ों को बहुत ज्यादा तोड़े बिना, ग्रेवी से अच्छी तरह कोट करने के लिए उन्हें हल्के हाथ से चलाएँ। धीमी आंच पर 8 से 10 मिनट तक ग्रेवी में पकने दें।
नारियल का दूध डालें और धीरे से मिलाएँ। करी को धीमी आँच पर 3 से 4 मिनट तक पकने दें। नारियल का दूध डालने के बाद तेज़ आँच पर न उबालें, क्योंकि इससे करी फट सकती है। अब तक वड़े ग्रेवी को अच्छी तरह सोख चुके होंगे और नरम व स्वादिष्ट हो चुके होंगे।
ताज़ा कटी हुई धनिया पत्ती से सजाकर इसे पूरा करें। एक बार हल्के हाथ से चलाएँ। आपकी वड़ा करी तैयार है। इसे गरमागरम इडली, फूली हुई पूरियों या कुरकुरे डोसे के साथ परोसें और चेन्नई शैली के नाश्ते का असली आनंद लें।
टिप्स और ट्रिक्स
- चना दाल का घोल पीसते समय पानी न डालें। गाढ़ा और सूखा घोल ही वड़ों के लिए ज़रूरी है, ताकि तलते समय वे अपना आकार बनाए रखें और करी को सोखकर चिपचिपे न हों।
- वड़ों को मध्यम आंच पर ही तलें। तेज़ आंच पर तलने से वे बाहर से जल्दी भूरे हो जाएंगे और अंदर से कच्चे रह जाएंगे। मध्यम सुनहरे भूरे रंग के वड़े गहरे रंग के कुरकुरे वड़ों की तुलना में ग्रेवी को बेहतर तरीके से सोख लेते हैं।
- वड़ों को हमेशा करी में तब डालें जब ग्रेवी गरम हो और धीमी आंच पर उबल रही हो। परोसने से पहले वड़ों को कम से कम 8 से 10 मिनट तक ग्रेवी में रखना आवश्यक है, क्योंकि इसी समय वे स्वादिष्ट मसालों का पूरा स्वाद सोख लेते हैं और उनका असली स्वाद उभर कर आता है।
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