सिरु परुप्पु पयसम (मूंग दाल की खीर)

Inbarasi
By Inbarasi · Authentic South Indian RecipesPublished 26 May 2026
Cook 30 मिनट Prep 10 मिनट 4 servings easy Veg none
सिरु परुप्पु पयसम (मूंग दाल की खीर)

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सिरु परुप्पु पयसम, जिसे मूंग दाल की खीर या परुप्पु खीर भी कहते हैं, तमिलनाडु की एक प्रिय पारंपरिक मिठाई है। पीली मूंग दाल, गुड़ और नारियल के दूध से बनी यह मलाईदार खीर तमिल घरों में पीढ़ियों से चली आ रही है। 'पयसम' शब्द संस्कृत के 'पयस' शब्द से आया है जिसका अर्थ है दूध, और यह व्यंजन दक्षिण भारतीय खान-पान की गहरी जड़ों में बसा है। इसे तमिलनाडु और केरल के मंदिरों में पूजा और त्योहारों में देवताओं को भोग लगाया जाता है।

तमिल परिवार सिरु परुप्पु पयसम को बेहद पसंद करते हैं क्योंकि यह सादगी, पोषण और शानदार स्वाद को एक प्याले में समेट देता है। यह खीर पोंगल, दिवाली, कार्तिगै दीपम और नवरात्रि जैसे त्योहारों में परोसी जाती है। परिवार की सभाओं, जन्मदिन और घर पर पूजा के दिनों में भी इसे प्यार से तैयार किया जाता है। गुड़ की कोमल मिठास और नारियल के दूध की समृद्धि इस खीर को ऐसा बनाती है कि दादियां इसे अपनी पोतियों तक पहुंचाती हैं और परंपरा को जीवंत रखती हैं।

यह रेसिपी सच में खास है क्योंकि दूसरी मिठाइयों की तुलना में बेहद पौष्टिक है। मूंग दाल पेट पर हल्की, प्रोटीन से भरपूर और पचाने में आसान है, इसलिए यह खीर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी बिल्कुल सही है। सर्वश्रेष्ठ नतीजे पाने का रहस्य है - खीर बनाने से पहले मूंग दाल को सुनहरी होने तक भून लेना, जिससे खीर में एक शानदार मेवों की खुशबू आती है। आखिर में ताज़े गाढ़े नारियल के दूध का इस्तेमाल करें और उसे उबालें नहीं, तो आपको हर बार बिल्कुल मलाईदार और रिच खीर मिलेगी।

सामग्री

Ingredients checklist

विधि

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1

एक भारी तले वाली कढ़ाई या तवा को मध्यम आंच पर गरम करें। पीली मूंग दाल को बिना तेल के डालकर लगातार हिलाते हुए 4-5 मिनट तक सूखा भून लें जब तक दाल सुनहरी न हो जाए और एक सुगंधित गंध न आने लगे। इसे जलने न दें। आंच से उतारकर अलग रख दें।

2

भुनी हुई मूंग दाल को बहते पानी के नीचे 2-3 बार धो लें। पानी निकालकर दाल को प्रेशर कुकर में डालें। 1 कप पानी डालकर मध्यम आंच पर 3-4 सीटी तक प्रेशर कुक करें जब तक दाल बिल्कुल नरम और दलदली न हो जाए। ढक्कन खोलने से पहले दबाव को स्वाभाविक रूप से बाहर निकलने दें।

3

दाल पक रही हो तो गुड़ की चाशनी तैयार करें। एक छोटे सॉस पैन में पाउडर गुड़ और लगभग ¼ कप पानी डालकर धीमी आंच पर हिलाते हुए तब तक गरम करें जब तक गुड़ पूरी तरह घुल न जाए। घुलने के बाद इसे महीन छलनी से छान लें ताकि रेत या अन्य अशुद्धियां निकल जाएं। अलग रख दें।

4

प्रेशर कुकर खोलकर पकी हुई दाल को चम्मच या आलू की मसलक से अच्छी तरह मसल लें जब तक एक चिकना गाढ़ा पेस्ट न बन जाए। अगर बहुत गाढ़ी लगे तो थोड़ा गुनगुना पानी मिलाकर पतली कर सकते हैं।

5

मसली हुई दाल को एक भारी तले की कढ़ाई में डालकर मध्यम-कम आंच पर रखें। छनी हुई गुड़ की चाशनी दाल में डालकर अच्छी तरह मिलाएं। लगातार हिलाते हुए 3-4 मिनट तक पकाएं जब तक गुड़ पूरी तरह दाल में घुल न जाए और मिश्रण थोड़ा गाढ़ा न हो जाए।

6

अब गुड़-दाल के मिश्रण में पतला नारियल का दूध (दूसरा निचोड़) डालें। अच्छी तरह हिलाकर धीमी आंच पर 4-5 मिनट तक पकाएं ताकि खीर अच्छी तरह जुड़ जाए। इस स्तर पर तेज़ उबाल न आने दें क्योंकि दूध फट सकता है। हल्के हाथों से लगातार हिलाते रहें।

7

खीर में इलायची पाउडर और सूखी अदरक का पाउडर मिलाकर अच्छी तरह मिलाएं। ये मसाले न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि पाचन में भी मदद करते हैं। अगर खाने वाला कपूर इस्तेमाल करना है तो इसी समय बस एक चुटकी मिला दें ताकि मंदिर जैसी खुशबू आए।

8

आंच को सबसे कम करें और गाढ़ा नारियल का दूध (पहला निचोड़) धीरे से डालें। हल्के हाथों से मिलाएं। गाढ़ा दूध डालने के बाद खीर को उबालें नहीं क्योंकि दूध फट जाएगा और खीर अपनी मलाई वाली चिकनाहट खो देगी। बस 1 मिनट के लिए गुनगुना करके आंच बंद कर दें।

9

एक छोटी कढ़ाई में घी गरम करें। काजू डालकर सुनहरे भूरे होने तक तलें, फिर किशमिश डालकर उन्हें फूल जाने तक भूनें। पूरा तड़का और तली हुई काजू-किशमिश को खीर में डालकर हल्के हाथों से मिलाएं।

10

आपकी सिरु परुप्पु पयसम तैयार है! इसे प्याले में निकालकर गरम परोसें। इसे कमरे के तापमान पर या हल्का ठंडा भी परोस सकते हैं। ठंडा होने पर खीर गाढ़ी हो जाती है, तो परोसने से पहले थोड़ा गुनगुना दूध या नारियल का दूध मिलाकर गाढ़ापन सही कर सकते हैं।

टिप्स और ट्रिक्स

  • खीर बनाने से पहले मूंग दाल को हमेशा भून लें - यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है। भूनने से दाल की कच्ची गंध निकल जाती है और एक गहरी मेवों जैसी खुशबू आती है जो खीर को बिल्कुल असली और खास बनाती है।
  • गाढ़ा नारियल का दूध डालने के बाद खीर को कभी न उबालें। हमेशा इसे सबसे कम आंच पर डालें और तुरंत आंच बंद कर दें। गाढ़े दूध को उबालने से दूध फट जाता है और खीर अपनी मलाईदार, चिकनी बनावट खो देती है।
  • बेहतर पारंपरिक और स्वादिष्ट खीर के लिए सामान्य गुड़ की जगह अच्छी गुणवत्ता वाला ताड़ का गुड़ (करुप्पट्टी) इस्तेमाल करें। ताड़ का गुड़ एक अनोखी धुएँ जैसी मीठी खुशबू देता है जो नारियल के दूध और मूंग दाल के साथ शानदार लगती है।

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